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मध्य प्रदेश में मूंग की MSP खरीद की तारीख बढ़ी: अब 60% तक उपज खरीदेगी सरकार

मध्य प्रदेश में मूंग की MSP खरीद की तारीख बढ़ी: अब 60% तक उपज खरीदेगी सरकार

अब 60% तक उपज खरीदेगी सरकार
अब 60% तक उपज खरीदेगी सरकार

Focus Keyword: मूंग MSP खरीद 2026
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Meta Description: मध्य प्रदेश में मूंग की MSP खरीद सीमा 25% से बढ़ाकर 60% कर दी गई है। स्लॉट बुकिंग 10 अगस्त और उपार्जन 20 अगस्त 2026 तक होगा।
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मध्य प्रदेश के ग्रीष्मकालीन मूंग उत्पादक किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने मूंग MSP खरीद 2026 से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए खरीद की सीमा और उपार्जन की समय-सीमा बढ़ा दी है।

नई व्यवस्था के अनुसार अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी निर्धारित मूंग उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत तक उपार्जन किया जाएगा। इसके साथ ही मूंग बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख बढ़ाकर 10 अगस्त 2026 और सरकारी उपार्जन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 20 अगस्त 2026 कर दी गई है।

इस फैसले से नर्मदापुरम, हरदा, सीहोर सहित प्रदेश के प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों के हजारों किसानों को अपनी अधिक उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने का अवसर मिलेगा।

मूंग खरीद 2026 से जुड़े प्रमुख फैसले

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए गए बदलावों को संक्षेप में इस प्रकार समझा जा सकता है:

  • पात्र किसान से मूंग खरीद की सीमा 25% से बढ़ाकर 60% की गई।
  • औसतन लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ तक मूंग खरीदी जा सकेगी।
  • स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 30 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त 2026 की गई।
  • मूंग उपार्जन की अंतिम तारीख 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त 2026 की गई।
  • खाद वितरण से संबंधित ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित किया गया है।

इन फैसलों का उद्देश्य अधिक किसानों को सरकारी खरीद में शामिल करना और मंडियों में कम कीमत मिलने से होने वाले नुकसान को कम करना है।

अब किसानों से 60% तक मूंग की खरीद

इससे पहले सरकारी खरीद के अंतर्गत पात्र किसानों से उनकी निर्धारित उपज का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा खरीदा जा रहा था। इसके कारण किसानों को अपनी बाकी उपज खुले बाजार या स्थानीय मंडियों में बेचनी पड़ती थी।

कई स्थानों पर बाजार भाव MSP से नीचे रहने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका थी। किसान संगठनों और प्रतिनिधियों ने खरीद सीमा बढ़ाने की मांग उठाई थी।

अब प्रदेश सरकार ने पात्र किसानों से निर्धारित मूंग उत्पादन का 60 प्रतिशत तक हिस्सा MSP पर खरीदने का निर्णय लिया है। प्रमुख मूंग उत्पादक क्षेत्रों में यह मात्रा औसतन लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ के आसपास हो सकती है। वास्तविक खरीद किसान की पात्रता, पंजीकृत रकबे, उत्पादकता और सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित होगी।

मूंग का MSP कितना है?

केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,780 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

पिछले विपणन सत्र में मूंग का MSP 8,768 रुपये प्रति क्विंटल था। इस प्रकार नई दर में 12 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

सरकारी खरीद केंद्र पर निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप मूंग बेचने वाले पात्र किसानों को MSP का लाभ मिलेगा। किसानों को उपज केंद्र पर ले जाने से पहले उसे अच्छी तरह साफ और सुखा लेना चाहिए, ताकि नमी या खराब गुणवत्ता के कारण बिक्री में परेशानी न हो।

स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 10 अगस्त

मूंग उपार्जन में भाग लेने के लिए पंजीकृत किसानों को स्लॉट बुक कराना आवश्यक होता है। स्लॉट में किसान को अपनी उपज खरीद केंद्र पर लाने की तारीख और संबंधित केंद्र की जानकारी मिलती है।

पहले स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 30 जुलाई 2026 निर्धारित थी। अब इसे बढ़ाकर 10 अगस्त 2026 कर दिया गया है।

इससे उन किसानों को अतिरिक्त समय मिलेगा जो तकनीकी समस्या, जानकारी की कमी, बारिश, परिवहन या किसी अन्य कारण से समय पर स्लॉट बुक नहीं करा पाए थे।

किसानों को अंतिम दिनों की भीड़ और तकनीकी परेशानी से बचने के लिए जल्द से जल्द स्लॉट बुकिंग पूरी कर लेनी चाहिए।

मूंग उपार्जन अब 20 अगस्त तक

मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग की सरकारी खरीद पहले 10 अगस्त 2026 तक होनी थी। नई घोषणा के बाद उपार्जन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 20 अगस्त 2026 कर दी गई है।

अतिरिक्त दस दिन मिलने से खरीद केंद्रों पर दबाव कम होने की संभावना है। साथ ही उन किसानों को भी अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा जिनकी फसल देर से तैयार हुई है या जो पहले स्लॉट नहीं ले पाए थे।

ई-टोकन व्यवस्था को लेकर क्या फैसला हुआ?

सरकार ने किसानों की मांग पर खाद वितरण से जुड़ी ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया है। किसानों का कहना था कि ई-टोकन प्रक्रिया में नेटवर्क, मोबाइल और तकनीकी समस्याओं के कारण खाद प्राप्त करने में परेशानी हो रही थी।

ध्यान रखें कि मूंग उपार्जन की स्लॉट बुकिंग और खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। मूंग बेचने के लिए पात्र किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्लॉट बुकिंग पूरी करनी होगी।

एक नजर में मूंग खरीद के नियमों में बदलाव

विषयपहले की व्यवस्थानई व्यवस्था
प्रति पात्र किसान खरीद सीमानिर्धारित उपज का 25%निर्धारित उपज का 60% तक
अनुमानित खरीद मात्रालगभग 1.25 क्विंटल प्रति एकड़लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़
स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख30 जुलाई 202610 अगस्त 2026
मूंग उपार्जन की अंतिम तारीख10 अगस्त 202620 अगस्त 2026
मूंग का MSP₹8,780 प्रति क्विंटल
खाद की ई-टोकन व्यवस्थालागूफिलहाल स्थगित

किसानों को इस फैसले से क्या फायदा होगा?

1. अधिक मूंग MSP पर बेच सकेंगे

खरीद सीमा 25 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत होने से किसान अपनी उपज का बड़ा हिस्सा सरकारी केंद्र पर बेच पाएंगे। इससे खुले बाजार में कम भाव मिलने का जोखिम घट सकता है।

2. आय में बढ़ोतरी की संभावना

यदि स्थानीय बाजार में मूंग का भाव MSP से कम है, तो सरकारी खरीद में अधिक मात्रा बेचने से किसान को बेहतर मूल्य मिल सकता है।

3. स्लॉट बुकिंग के लिए अतिरिक्त समय

10 अगस्त तक स्लॉट बुकिंग की सुविधा मिलने से वे किसान भी प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे जो पहले निर्धारित समय में बुकिंग नहीं करा पाए थे।

4. उपज बेचने के लिए दस अतिरिक्त दिन

उपार्जन की अंतिम तारीख 20 अगस्त होने से किसानों को परिवहन की व्यवस्था करने, मूंग सुखाने और खरीद केंद्र तक पहुंचाने के लिए अधिक समय मिलेगा।

5. प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों को बड़ी राहत

नर्मदापुरम, सीहोर, हरदा और आसपास के जिलों में ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन बड़े स्तर पर होता है। खरीद सीमा बढ़ने का सबसे अधिक लाभ इन क्षेत्रों के किसानों को मिलने की संभावना है।

मूंग बेचने से पहले किसान क्या करें?

सरकारी खरीद का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. अपने मूंग उपार्जन पंजीकरण की स्थिति जांचें।
  2. निर्धारित पोर्टल या अधिकृत केंद्र के माध्यम से समय पर स्लॉट बुक करें।
  3. स्लॉट में दी गई तारीख और खरीद केंद्र की जानकारी सुरक्षित रखें।
  4. मूंग को अच्छी तरह साफ और सुखाकर ही केंद्र पर ले जाएं।
  5. उपज में मिट्टी, कचरा, अधिक नमी या खराब दाने न हों।
  6. पंजीकरण और बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज साथ रखें।
  7. खरीद केंद्र पर लागू गुणवत्ता मानकों की जानकारी पहले प्राप्त करें।
  8. किसी भी संशोधन के लिए आधिकारिक कृषि विभाग या जिला प्रशासन की सूचना देखें।

खरीद की मात्रा कैसे तय होगी?

60 प्रतिशत खरीद का अर्थ यह नहीं है कि किसान की ओर से लाई गई किसी भी मात्रा का 60 प्रतिशत स्वतः खरीद लिया जाएगा।

खरीद की अधिकतम पात्र मात्रा का निर्धारण किसान के पंजीकृत रकबे, सरकारी उत्पादकता मानक, बोई गई फसल और सत्यापित रिकॉर्ड के आधार पर किया जा सकता है। खरीद केंद्र पर गुणवत्ता परीक्षण भी किया जाएगा।

इसलिए किसान स्लॉट बुकिंग के दौरान दिखाई गई पात्र मात्रा को ध्यान से देखें और उसी के अनुसार उपज केंद्र पर लेकर जाएं।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

जिन किसानों ने अभी तक स्लॉट बुक नहीं किया है, वे अंतिम तारीख का इंतजार न करें। अधिक संख्या में किसानों द्वारा एक साथ स्लॉट बुक करने पर पोर्टल धीमा होने या पसंद का खरीद केंद्र उपलब्ध न होने जैसी समस्या आ सकती है।

किसान अपने क्षेत्र के सहकारी समिति कार्यालय, कृषि उपज मंडी, उपार्जन केंद्र या संबंधित कृषि विभाग से भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक विवरण या पंजीकरण से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें।

निष्कर्ष

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मूंग की MSP खरीद सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करना किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत है। स्लॉट बुकिंग के लिए 10 अगस्त और उपार्जन के लिए 20 अगस्त 2026 तक समय मिलने से अधिक किसान सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे।

मूंग का MSP 8,780 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है। ऐसे में पात्र किसानों को समय रहते स्लॉट बुक करके अपनी उपज तैयार रखनी चाहिए। किसान खरीद केंद्र पर जाने से पहले अपने पंजीकरण, पात्र मात्रा और गुणवत्ता मानकों की जानकारी जरूर जांच लें।

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मूंग MSP खरीद 2026 से जुड़े सवाल-जवाब

प्रश्न 1. मध्य प्रदेश में किसानों से कितनी मूंग खरीदी जाएगी?

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक पात्र किसान से उसकी निर्धारित मूंग उपज का 60 प्रतिशत तक MSP पर खरीदा जा सकेगा। पहले यह सीमा 25 प्रतिशत थी।

प्रश्न 2. मूंग स्लॉट बुकिंग की नई अंतिम तारीख क्या है?

मूंग उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 10 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।

प्रश्न 3. मूंग खरीद की अंतिम तारीख क्या है?

मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 20 अगस्त 2026 कर दी गई है।

प्रश्न 4. वर्ष 2026-27 में मूंग का MSP कितना है?

खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,780 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

प्रश्न 5. प्रति एकड़ कितनी मूंग खरीदी जा सकती है?

प्रमुख मूंग उत्पादक क्षेत्रों में खरीद की मात्रा औसतन लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ हो सकती है। वास्तविक पात्र मात्रा किसान के पंजीकृत रकबे और सरकारी उत्पादकता मानकों के आधार पर तय होगी।

प्रश्न 6. किन जिलों के किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा?

नर्मदापुरम, सीहोर, हरदा सहित मध्य प्रदेश के प्रमुख ग्रीष्मकालीन मूंग उत्पादक जिलों के किसानों को इस फैसले से विशेष लाभ मिलने की संभावना है।

प्रश्न 7. क्या मूंग बेचने के लिए स्लॉट बुक करना जरूरी है?

सरकारी उपार्जन केंद्र पर मूंग बेचने के लिए पात्र एवं पंजीकृत किसान को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्लॉट बुक करना होगा।

प्रश्न 8. क्या मूंग खरीद की टोकन व्यवस्था बंद कर दी गई है?

रिपोर्टों के अनुसार स्थगित की गई ई-टोकन व्यवस्था खाद वितरण से संबंधित है। मूंग बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया जारी रहेगी।

डिस्क्लेमर: सरकारी नियम, खरीद केंद्र, पात्र मात्रा और तारीखों में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव संभव है। किसान अंतिम निर्णय लेने से पहले मध्य प्रदेश कृषि विभाग, जिला प्रशासन या अधिकृत उपार्जन केंद्र से जानकारी की पुष्टि जरूर करें।

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